
Image: google
चीन जनसंख्या के मामले में सबसे आगे है और दूसरे नंबर पर भारत है । चीन की जनसंख्या 2015 में 1.371 विलियन थी और भारत की 1.311 विलियन । भारत में जनसंख्या की रोक के लिए कोई नियम नहीं बनाये गए है और चीन ने जनसंख्या पर रोक लगाने के लिए बहुत से कड़े नियम बना लिए है जिस कारण वहा की जनसंख्या में गिरावट दर्ज की गयी है । अगर बात करे दोनों देशो के क्षेत्रफल की तो भारत का क्षेत्रफल 3287263 वर्ग किलोमीटर है और चीन का क्षेत्रफल 9596961 वर्ग किलोमीटर है जो भारत से पौने तीन गुना ज्यादा है पर जनसंख्या में भारत चीन से ज्यादा पीछे नहीं है । भारत की आबादी पहले के अनुमान से दो साल बाद यानी 2024 के आसपास चीन की आबादी को पार कर सकती है। इसके 2030 तक 1.5 अरब होने की संभावना है।
अभी चीन की आबादी 1.41 अरब है और भारत की 1.34 अरब है। इन दोनों देशों में विश्व की 19 और 18 प्रतिशत आबादी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब सात साल में या 2024 के आसपास भारत की आबादी चीन की आबादी से ज्यादा हो जाने की उम्मीद है। यह संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के 25वें दौर की रिपोर्ट है। 24वें दौर का अनुमान 2015 में जारी किया गया था। इसमें अनुमान लगाया गया था कि भारत की आबादी 2022 तक चीन को पार कर जाएगी।
नए अनुमान में कहा गया है कि 2024 में भारत और चीन दोनों की आबादी करीब 1.44 अरब के आसपास होगी। इसके बाद भारत की आबादी 2030 में 1.5 अरब और 2050 में 1.66 अरब होने का अनुमान है। चीन की आबादी 2030 तक स्थिर रहने का अनुमान है जिसके बाद इसमें धीमी गिरावट आ सकती है। भारत की आबादी में 2050 के बाद कमी आ सकती है।
अगर भारत की जनसंख्या इसी तरह बदती है तो कुछ सालो बात हमारे देश की हालत बहुत ख़राब हो जाएगी फिर चाहे कोई सरकार ए वो कुछ नहीं कर पायेगी क्योंकी जनसंख्या ज्यादा होती जाएगी पर जमीन तो उतनी ही रहेगी और खाने पीने का सामान में उतनी ही कमी होगी । दुनिया में सबसे ज्यादा बेरोजगार भारत में ही होंगे । तो हमारे देश में भी जनसंख्या की रोक के लिए कानून की सख्त जरुरत है क्योंकी बिना कानून के कोई जनसंख्या कम करने में अपना सहयोग नहीं देगा ।
अगर आप सभी इस बात से सहमत है तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे और इसे लाइक करना न भूले और ऐसी ही जरुरी जानकारियों के लिए हमें फॉलो करना ना भूले ।
अभी चीन की आबादी 1.41 अरब है और भारत की 1.34 अरब है। इन दोनों देशों में विश्व की 19 और 18 प्रतिशत आबादी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब सात साल में या 2024 के आसपास भारत की आबादी चीन की आबादी से ज्यादा हो जाने की उम्मीद है। यह संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के 25वें दौर की रिपोर्ट है। 24वें दौर का अनुमान 2015 में जारी किया गया था। इसमें अनुमान लगाया गया था कि भारत की आबादी 2022 तक चीन को पार कर जाएगी।
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अगर भारत की जनसंख्या इसी तरह बदती है तो कुछ सालो बात हमारे देश की हालत बहुत ख़राब हो जाएगी फिर चाहे कोई सरकार ए वो कुछ नहीं कर पायेगी क्योंकी जनसंख्या ज्यादा होती जाएगी पर जमीन तो उतनी ही रहेगी और खाने पीने का सामान में उतनी ही कमी होगी । दुनिया में सबसे ज्यादा बेरोजगार भारत में ही होंगे । तो हमारे देश में भी जनसंख्या की रोक के लिए कानून की सख्त जरुरत है क्योंकी बिना कानून के कोई जनसंख्या कम करने में अपना सहयोग नहीं देगा ।
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